भारत का 1909,1919,1935 का अधिनियम
1909 का मारत परिषद् अधिनियम:- यह भारत के संवैधानिक विकास की दिशा में अगला कदम था। इसके जन्मदाता भारत सचिव मार्ले तथा गर्वनर जनरल लार्ड मिन्टो थे। इस अधिनियम को मार्ले-मिन्टो सुधार के नाम से जाना जाता है। जिसके तहत् भारतीय परिषद् अधिनियम 1909, मार्ले-मिन्टो सुधार के नाम से पारित किया गया। इस अधिनियम द्वारा मुसलमानों के लिए पृथक मताधिकार तथा पृथक निर्वाचन क्षेत्रों की स्थापना की गई। माले मिन्टो इसी कारण मार्ले और मिन्टो को साम्प्रदायिक निर्वाचन पद्धति का जन्मदाता कहा जाता है। भारत में शासन करने हेतु अंग्रेजों ने 'फूट डालो राज करो' की नीति अपनाई। 1919 का भारत सरकार अधिनियम:- इस अधिनियम द्वारा प्रान्तों में लागू की गई शासन व्यवस्था को द्वैध या दोहरा शासन कहते हैं। अब प्रान्तों में आंशिक उत्तरदायी सरकार की स्थापना हो गई। इस अधिनियम को लागू कर ब्रिटिश सरकार यह चाहती थी कि भारत के एक प्रभावशाली वर्ग को अपना समर्थक बना लिया जाए। भारत सचिव को भारत सरकार से जो वेतन मिलता था, इस अधिनियम द्वारा अब वह अंग्रेजी कोष से मिलना तय किया गया। विषयों को निम्नांकित रूप से केन्द्र तथ...
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