मँगल वर्त कथा

एक बार एक र्बामण ओर बार्मणि एक गाँव मे रहते थे। उनके कोई सन्तान नही थी।एक दिन बार्मण पूजा हेतु जँगल मे चला गया। बार्मणी घर पर मंगलवार का वर्त करती थी।0ओर हनुमान जी को भोग लगाकर भोजन करती थी । एक दिन कोई ओर वर्त आ गया । बार्मणी हनुमान जी को भोग लगाना भुल गयी। उस सोचा अगले मंगलवार को फ भोग लगाकर भोजन करूगी। बार्मणी 6 दिन भूखी रही । 7 दिन मंगलवार को तो उसे मुर्चा आ गयी । बार्मणी की भक्ति देखकर हनुमान जी उस पर पर्शन्न हो गये। ओर उसे दर्शन दिए। ओर उसे एक लडके का वरदान देकर अन्तरध्यान हो गये।

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